
तेलंगाना के नालगोंडा जिले की पुलिस ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या का मामला सुलझा लिया है, जिनकी कथित तौर पर इस महीने की शुरुआत में कोंडामल्लेपल्ली स्थित उनके घर पर कक्षा 10 के दो छात्रों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, दो नाबालिग छात्रों ने कथित तौर पर लूट और हत्या की योजना तब बनाई जब रूपा रेड्डी ने उनके खर्च करने के तरीके को लेकर उन्हें फटकार लगाई और उनके माता-पिता को सूचित करने की चेतावनी दी। छात्रों ने कथित तौर पर प्रधानाचार्य को लगभग 27 बार चाकू मारा और नकदी और उनका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रूपा रेड्डी की आखिरी फोन बातचीत से मिली एक मामूली सी जानकारी ने जांचकर्ताओं को संदिग्धों की पहचान करने में मदद की। फोन बंद होने से पहले उन्होंने अपनी मौसी से बात की थी, और बताया जाता है कि उनका आखिरी शब्द “बाबू” था। पुलिस को पता चला कि रूपा रेड्डी के स्कूल में छात्रों को आम तौर पर “बाबू” कहकर पुकारा जाता था। इससे जांचकर्ताओं ने अपना ध्यान छात्रों पर केंद्रित किया। पुलिस ने शुरू में 13 छात्रों की पहचान की और उनमें से पांच से पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने अपना ध्यान कक्षा 10 के दो छात्रों पर केंद्रित किया जो असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में धन खर्च करते हुए प्रतीत हो रहे थे।
जांच में पता चला कि दोनों छात्र एक ही हॉस्टल के कमरे में रहते थे और कथित तौर पर महंगे फोन, मोटरसाइकिल और विलासितापूर्ण जीवनशैली के प्रति आकर्षित थे। पुलिस ने बताया कि वे सोशल मीडिया और यूट्यूब पर जल्दी पैसा कमाने के तरीके भी खोज रहे थे। खबरों के मुताबिक, रूपा रेड्डी ने छात्रों के हॉस्टल बैग में फोन और कुछ पैसे मिलने के बाद उन्हें फटकार लगाई थी। आरोप है कि उन्होंने छात्रों को चेतावनी दी थी कि वह उनके व्यवहार के बारे में उनके परिवारों को बता देंगी। पुलिस का मानना है कि इस घटना से छात्र रूपा रेड्डी से नाराज हो गए और इसी वजह से उन्होंने रूपा रेड्डी को निशाना बनाया।




