
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खाकी वर्दी के रसूख का गलत इस्तेमाल करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिस पर पुलिस विभाग ने त्वरित और सख्त कदम उठाया है। महिगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पहाड़पुर पुलिस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक (एसआई) जगमोहन को गैस एजेंसी संचालक और उनके कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उत्तरी ने इस पूरी घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पहाड़पुर चौकी प्रभारी जगमोहन द्वारा स्थानीय गैस एजेंसी के संचालक पर नियम विरुद्ध तरीके से एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। जब गैस एजेंसी के कर्मचारियों और संचालक ने इसका विरोध किया या असमर्थता जताई, तो दरोगा ने अपने पद का रौब दिखाते हुए उनके साथ अभद्रता की।
इस पूरी घटना की शिकायत जैसे ही उच्चाधिकारियों तक पहुंची, उन्होंने बिना कोई देर किए मामले की संवेदनशीलता को समझा। डीसीपी उत्तरी ने तुरंत मामले की जांच कराते हुए आरोपी दरोगा को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे महिगवां इलाके में यह मामला आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस विभाग द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश देती है कि ड्यूटी के दौरान वर्दी की आड़ में आम जनता या व्यापारियों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उच्चाधिकारियों ने इस निलंबन के जरिए यह साफ कर दिया है कि अपने पद का अनुचित लाभ उठाने और आम नागरिकों पर बेवजह दबाव बनाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। प्रशासन के इस कड़े कदम से स्थानीय लोगों और व्यापारियों के बीच कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।




