
सोमवार को मध्य पूर्व में स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई जब ईरान ने बेरूत और लेबनान पर हुए हमलों के जवाब में इजरायल पर अपना मिसाइल हमला किया। इन हमलों से मध्य पूर्व में 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष को समाप्त करने के मध्यस्थता प्रयासों में और अधिक जटिलता आने की आशंका है। इस संघर्ष में ईरान के अधिकांश शीर्ष नेता, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं, मारे गए थे।
इजरायली सेना के अनुसार, कम से कम तीन हमलों में दागी गई मिसाइलों को उसकी मिसाइलों ने नाकाम कर दिया। तेल अवीव ने कहा है कि तेहरान ने “गंभीर गलती” की है और हमलों का “कठोर” जवाब देने की कसम खाई है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से “जवाबी कार्रवाई न करने” का अनुरोध किया है। वही जवाब में इजराइल ने तेहरान ,इस्फाहान में ताबड़तोड़ हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए।


