
नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आहूत देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आज होने जा रहा है। इस प्रदर्शन के तहत संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’ के नारे के साथ सीजेपी ने देश के हर जिले में प्रदर्शन का आह्वान किया है।
संगठन का कहना है कि इस देशव्यापी विरोध का मुख्य उद्देश्य भारत के हर जिले में एक ‘जंतर-मंतर’ खड़ा करना है। इस बीच, आज दोपहर 12.30 बजे सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों के साथ दूसरे दौर की अहम बैठक भी होने वाली है। हालांकि, संगठन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा सुधारों पर सरकार के तमाम आश्वासनों के बावजूद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही उनकी सबसे प्रमुख मांग बनी रहेगी।
यह देशव्यापी लामबंदी ऐसे समय में हो रही है जब पिछले 24 घंटों के दौरान कई बड़े और नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां सरकार के आश्वासन के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का लंबा अनशन समाप्त कर दिया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में सख्त सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के प्रावधान वाले एक प्रस्तावित कानून की घोषणा की है। इन सब के बावजूद संसद के अंदर और बाहर नया राजनीतिक टकराव छिड़ गया है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शुक्रवार के इस प्रदर्शन का मकसद आंदोलन को सिर्फ दिल्ली तक सीमित न रखकर इसे पूरे देश में फैलाना है। संगठन ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों और 20 जुलाई को दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करेंगे। उनका तर्क है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाना ही सरकार की ओर से सबसे ‘सख्त और उचित कार्रवाई’ होगी। इसी बीच, सरकार ने एक व्यापक नौकरशाही फेरबदल के तहत नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह ली है, जिन्हें अब पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है। गौरतलब है कि नीट परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत ही आती है।
संसद में भी नीट विवाद पर एक और बड़े घमासान की स्थिति बनी हुई है। विपक्षी दल इस बात पर अड़े हुए हैं कि संसद के किसी भी सदन में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं, केंद्र सरकार ने अपना रुख साफ करते हुए दोहराया है कि वह नीट और पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। सरकार ने उल्टा विपक्ष पर बहस से भागने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार चर्चा के लिए पहले ही सहमत हो चुकी है और परीक्षा सुधारों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन और आज के देशव्यापी आंदोलन को देखते हुए पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मध्य दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन और कई अन्य पाबंदियां लगाई गई हैं। सुरक्षा कारणों से आज दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन बंद रहेंगे। ट्रैफिक पाबंदियों और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के कारण मध्य दिल्ली के कई स्कूलों ने भी अपने संचालन के तरीके में बदलाव किया है।
कुछ स्कूलों ने जूनियर कक्षाओं के बच्चों के लिए हाइब्रिड (ऑनलाइन-ऑफलाइन) पढ़ाई की व्यवस्था की है, जबकि अन्य ने परिवहन व्यवस्था में बदलाव के साथ नियमित कक्षाएं शुरू की हैं। इन सबके बीच, दिल्ली पुलिस 20 जुलाई को हुई हिंसा की सघन जांच भी कर रही है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।



