
दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन और नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल के बीच दूसरे दौर की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हो गई है। दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की।
बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ताओं ने मीडिया को बताया कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है, जबकि संगठन की दो अन्य प्रमुख मांगों पर ‘सैद्धांतिक सहमति’ (In-principle approval) दे दी है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी अनिवार्य
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा या फिर उन्हें पद से बर्खास्त करना होगा। हमने इस मुद्दे पर सरकार से बहुत विस्तार से बात की है। सरकार ने इस मांग पर अपना रुख साफ करने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है।” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाने में जितनी देरी की जाएगी, छात्रों का यह आंदोलन उतना ही बड़ा और तीव्र होता जाएगा।
दो प्रमुख मांगों पर मिली सैद्धांतिक मंजूरी
मीडिया से चर्चा के दौरान आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ हुई इस दूसरे दौर की बातचीत में सीजेपी की दो अहम मांगों को सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है:
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा: नीट पेपर लीक विवाद से हताश होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को वित्तीय मुआवजा दिया जाएगा।
- मुकदमे वापस लेना: आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज की गई सभी एफआईआर (FIR) और कानूनी मुकदमों को पूरी तरह से वापस लिया जाएगा।




