
झांसी जिले के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में पहूज नहर के पास गोविन्दपुरी इलाके में एक घर के अंदर बुजुर्ग दंपति के शव मिलने से सनसनी फैल गई। 70 वर्षीय विश्वनाथ और 65 वर्षीय भुवन देवी के शव करीब चार-पांच दिन पुराने बताए जा रहे हैं और बुरी तरह फूल चुके थे। शनिवार शाम को बेटे जगपाल के घर पहुंचने के बाद इस घटना का पता चला।
बंद गेट और चुप्पी ने बढ़ाई आशंका
जगपाल माता-पिता से मिलने शनिवार शाम घर पहुंचा, लेकिन मुख्य गेट अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर वह दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान के रास्ते घर में घुसा। अंदर एक कमरे में माता-पिता के शव पड़े थे और कमरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ मोबाइल फॉरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
25 अगस्त तक दोनों स्वस्थ थे
जगपाल ने पुलिस को बताया कि वह 25 अगस्त या उससे कुछ पहले माता-पिता से मिला था। उस समय दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे और घर में निर्माण कार्य भी चल रहा था। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ मसीहगंज स्थित अपने घर चला गया। शनिवार को अचानक यह हालात देखकर वह स्तब्ध रह गया। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि 25 अगस्त से शनिवार के बीच ऐसा क्या हुआ।
किरायेदार संपर्क में नहीं
मकान के एक हिस्से में एक किरायेदार भी रहता था, लेकिन घटना सामने आने के बाद वह मौके पर नहीं मिला। पुलिस ने जब उसे फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय वह कहां था तथा बुजुर्ग दंपति के बारे में उसे कोई जानकारी है या नहीं। फिलहाल पुलिस ने उसकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
कई पहलुओं पर जांच
घर के अंदर शव मिलने और मुख्य दरवाजा भीतर से बंद होने के कारण कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस हत्या समेत हर संभावित पहलू की गहराई से जांच कर रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति, लूट की आशंका और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि जगपाल की सूचना पर कार्रवाई शुरू की गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।




