
रिपोर्ट- विनीता खुराना
ऋषिकेश। 15 जून तक चारो धामो में धार्मिक कथाओ पर रोक लगाए जाने से संत समाज ने पर्यटन मंत्री के आदेश को हिटलर शाही बताया और कहा कि इससे संत समाज में काफी रोष है, जिसके लिए शीघ्र ही संत समाज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मिलेगा।
चार धामो में तीर्थयात्रियों के बड़ी संख्या में आने के चलते पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने जून तक धार्मिक कथाओ पर रोक लगा दी है, जिसके लिए सभी जिलाधिकारियों को कथाओ की अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए गए है साथ ही पर्यटन सचिव व गढ़वाल कमिश्नर दिलीप जावलकर स्वंय पूरी व्यवस्थाओ पर नजर बनाए हुए है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ओर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाली कथाओ से यात्रा धामो में पार्किंग ओर होटल्स फूल हो जाते है, जिससे यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ ओर बद्रीनाथ धामो में दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है, इसी को देखते हुए चारो धामो में होने वाली धार्मिक कथाओ पर रोक लगा दी गई है।
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वही पर्यटन मंत्री के इस आदेश से तीर्थ नगरी ऋषिकेश के संतों में आक्रोश व्यक्त किया है, अखिल भारतीय संत समिति के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष और भारत साधु समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष महंत ईश्वर दास ने चार धामो में धार्मिक कथाओ पर रोक को संत समाज व सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए कहा कि आज से पहले भी धामो में धार्मिक कथाए होती चली आ रही है तब की सरकारों ने ऐसा कोई कदम नही उठाए।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को यदि चारो धामो की व्यवस्थाओं को बनाने में दिक्कतें सामने आ रही है तो कथाओ पर रोक लगाने का निर्णय सरकार को समय से लेना चाहिए था न कि यात्रा के शुरू होने के बाद, महंत ने कहा कि कथाओ के आयोजनो पूर्व निर्धारित होते है, वर्ष भर कथा वाचक ओर भक्त यात्रा के शुरू होने का इंतजार करते है और सरकार के अचानक इस फैसले से जहाँ कथा वाचको को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा वही श्रद्धालुओं द्वारा की गई बुकिंग्स व व्यवस्थाए भी प्रभावित होगा।
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उन्होंने पर्यटन मंत्री द्वारा बैशाख माह में हरिद्वार में किए जाने वाले सदभावना सम्मेलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद भी पर्यटन मंत्री अपने कार्यक्रमो को स्थगित नही करते है तो फिर एक संत होकर वह कैसे धार्मिक स्थलों पर धार्मिक कथाओ के आयोजनों पर रोक लगा रहे हैं।
वही ऋषिकेश पहुची फायर ब्रांड संत साध्वी प्राची ने भी उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री के इस आदेश पर हैरानी जताई और कहा कि उत्तराखंड धार्मिक स्थल है और धार्मिक स्थलों पर ही कथाओ का आयोजन किया जाता है, और सरकार को यात्रा स्थलों पर व्यवस्थाए बनानी चाहिए न कि कथाओं पर रोक लगानी चाहिए उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री के इस फैसले से संतो में काफी नाराजगी है।