
उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में गुरुवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची। बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड ने कई घरों और पुलों को नष्ट कर दिया, जिससे परिवार मलबे में फंस गए और कई लोग घायल हो गए। रुद्रप्रयाग जिले में छह लोग और चमोली के देवाल क्षेत्र में दो लोग लापता हैं।

चमोली के देवाल क्षेत्र के मोपता गांव में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हो गए। इस घटना में उनका गोशाला भी ढह गया, जिसमें 15 से 20 पशु दबकर मर गए। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। केदारनाथ घाटी के लवारा गांव में मोटर मार्ग का एक पुल तेज धारा में बह गया, और चेनागढ़ में हालात बेहद नाजुक हैं। नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है, जिसके कारण प्रशासन को प्रभावित घरों को खाली कराना पड़ा। रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर भी पानी में डूब गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दुख जताते हुए लिखा, “रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील के बड़ेथ डूंगर टोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने और मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसने की दुखद खबर मिली है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य कर रहा है। धामी ने आपदा सचिव और जिला मजिस्ट्रेट से बात कर बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।
रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने आज तक को बताया कि बसुकेदार में भारी बारिश से चार घर बह गए, लेकिन सभी निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई लापता नहीं है। उन्होंने कहा, “हम स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं।” हालांकि, चमोली और रुद्रप्रयाग में कुल आठ लोग अभी भी लापता हैं, और बचाव टीमें उन्हें खोजने में जुटी हैं।
लगातार बारिश ने हल्द्वानी में भी असर डाला है। रानी बाग पुल के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से हल्द्वानी-भीमताल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे यातायात ठप है। भारी बारिश के चलते रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश दिया गया है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में 29 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों में 2013 की केदारनाथ त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें तैनात हैं, और हेलिकॉप्टरों को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।