RTI में बड़ा खुलासा, पीएमओ के पास पूर्व प्रधानमंत्रियों के आयकर रिफंड कोई रिकॉर्ड नहीं…

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के पास पूर्व प्रधानमंत्रियों के आयकर रिफंड का कोई रिकॉर्ड नहीं है. दरअसल, सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में यह तथ्य सामने आया है। लेकिन आरटीआई के तहत पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्यों को मिले आयकर रिफंड की जानकारी मांगी गई थी।

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वहीं पीटीआई द्वारा आरटीआई के आवेदन के जवाब में पीएमओ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों से संबंधित रिकॉर्ड कार्यालय के पास उपलब्ध नहीं है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयकर रिफंड के सवाल पर पीएमओ ने ब्यौरा देने से इनकार करते हुए कहा कि आरटीआई कानून के तहत इसकी सूचना देने की जरूरत नहीं है। पीएमओ ने कहा, ‘‘जो सूचना मांगी गई है वह व्यक्तिगत प्रकृति की है और आरटीआई कानून की धारा 8 (1) (आई) के तहत इसकी छूट है.’’

 

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क्‍या है धारा 8 (1) (आई) –

दरअसल यह धारा ऐसी व्यक्तिगत सूचना के खुलासे से रोकती है जिसका सार्वजनिक हित या गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। जहां यह व्यक्ति की गोपनीयता को बेवजह का दखल होगा।   लेकिन केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी या राज्य सार्वजनिक सूचना अधिकारी को किसी मामले में लगता है कि वृहद जनहित में इस तरह का खुलासा किया जाना चाहिए तो ऐसा किया जा सकता है।

इसके साथ ही यह धारा आगे यह भी कहती है कि यदि कोई सूचना संसद या राज्यों के विधानसभा को दी जा सकती है तो इसे किसी व्यक्ति को देने से इनकार नहीं किया जा सकता हैं। एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. द्वारा प्रबंधित आयकर विभाग के कर सूचना नेटवर्क द्वारा रिफंड के बारे में उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले 18 साल में कम से कम पांच बार रिफंड मिला है। आकलन वर्ष 2001-02 से इस प्लेटफार्म पर किसी व्यक्ति के पैन कार्ड के जरिए ऑनलाइन रिफंड की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।

 

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