
बुधवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक काफी गहमागहमी भरी रही। साल 2024 में सांसद बनने के बाद अपने 8वें दौरे पर रायबरेली पहुंचे लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूरे एक्शन में नजर आए। उन्होंने एक तरफ विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की क्लास लगाई, तो दूसरी तरफ केंद्रीय योजनाओं पर सत्ता पक्ष के मंत्रियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। वहीं, बैठक के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
1. मोबाइल पर दिखाईं जर्जर सड़कें, अधिकारियों से किए कड़े सवाल
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने अपने मोबाइल फोन पर रायबरेली की खराब और गड्ढा युक्त सड़कों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने वहां मौजूद जिलाधिकारी (DM), लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और यूपी के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय से कड़े सवाल किए। राहुल ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि जब सरकार की तरफ से विकास के लिए फंड आ रहा है, तो फिर जमीन पर काम क्यों नहीं हो रहा है और सड़कें इतनी जर्जर क्यों हैं? उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल उठाया, “आप लोग आखिर क्या कर रहे हैं?”
2. ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ पर तीखी नोकझोंक
बैठक में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के बजट को लेकर भी भारी विवाद हुआ।
- राहुल का तंज: राहुल गांधी ने कहा कि इस योजना का सिर्फ भारी प्रचार होता है, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।
- बजट पर सवाल: अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के लिए जिले को 30 लाख रुपये का बजट मिला है, जिसका 10% केवल प्रचार-प्रसार पर खर्च होता है।
- मंत्री की टिप्पणी: इस पर यूपी के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने तंज कसा कि यह हैरानी की बात है कि एक सांसद को केंद्रीय योजनाओं की जानकारी ही नहीं है।
- किशोरी लाल शर्मा का पलटवार: अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि एक सांसद को किसी भी योजना के फंड और उसकी स्थिति पर सवाल पूछने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है।जब दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई, तो राहुल गांधी ने खुद बीच-बचाव किया। उन्होंने मामले को शांत कराते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से कहा कि उनसे बात को समझने में भूल हुई है, जिसके बाद बैठक आगे बढ़ी।
3. सपा विधायकों का पुलिस से टकराव और प्रदर्शन
बैठक हॉल के बाहर भी भारी हंगामा देखने को मिला। बछरावां से सपा विधायक श्याम सुंदर भारती और हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी ने योगी सरकार के खिलाफ पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया।
सपा नेताओं के पोस्टरों पर लिखा था— “स्कूल बंद हैं, फर्जी मुकदमे लिखे जा रहे हैं और जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं।” विधायकों का आरोप था कि जब आम जनता की समस्याएं जस की तस हैं और माफियाओं को सत्ता का संरक्षण है, तो ऐसी दिशा बैठकों का कोई औचित्य नहीं है। स्थिति बिगड़ती देख एएसपी आलोक सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने विधायकों से पोस्टर छीन लिए।
4. जनता दरबार और जनसंपर्क
दिशा की इस ढाई घंटे लंबी बैठक से पहले राहुल गांधी ने सुबह ‘जनता दरबार’ भी लगाया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। एक महिला कांग्रेस नेता ने उन्हें राखी भी बांधी और उन्होंने सपा नेताओं से भी मुलाकात की। इन सभी कार्यक्रमों को निपटाने के बाद राहुल लखनऊ के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हो गए।



