उत्तराखंड

कवि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत: CM धामी ने कहा, कविता समाज का दर्पण है

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कलाढूंगी के धनपुर धमोला में आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक और काव्य महोत्सव अभिव्यंजना 5.0 में कहा कि कवि सिर्फ शब्दों के रचनाकार नहीं होते, वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं।

धामी ने कहा, “जब समाज जटिलताओं में उलझ जाता है, तब कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से न सिर्फ नया रास्ता दिखाते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास भी करते हैं। कविता समाज का दर्पण है।”

खेत बचाओ अभियान में शामिल हुए CM
इसी दिन मुख्यमंत्री हवालबाग में राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ में शामिल हुए। उन्होंने इसे सरकार की बजाय जन आंदोलन बताया और किसानों से अपील की कि वे कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करें।

धामी ने कहा, “मिट्टी मां के समान है। मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और खेतों को हानिकारक रसायनों से मुक्त रखना जरूरी है।” उन्होंने किसानों को मिट्टी परीक्षण कराने, जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जलवायु अनुकूल फसल चयन करने की सलाह दी।

सरकार ने किसकों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

Related Articles

Back to top button