उत्तराखंड

कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी का कांग्रेस पर तीखा हमला: “2004 से 2009 तक UPA ने नहीं मनाया शौर्य दिवस”

कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार सियासी हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2004 से 2009 के बीच केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस-नीत यूपीए (UPA) सरकार ने कारगिल विजय दिवस का आयोजन ही नहीं किया था।

मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस की ‘घटिया सोच’ करार देते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार ने वीर सैनिकों के पराक्रम को केवल इसलिए नजरअंदाज किया, क्योंकि यह युद्ध पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार के कार्यकाल में जीता गया था।

कांग्रेस पर तुष्टीकरण और सेना के अपमान का आरोप

सीएम धामी ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और देश के वीर जवानों का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा सेना की वर्दी पहनने को कोई सामान्य नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा और मां भारती की रक्षा का सबसे बड़ा सौभाग्य मानता है। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ और संकीर्ण सोच के लिए इस ऐतिहासिक शौर्य दिवस को दरकिनार किया।

उत्तराखंड का सर्वोच्च बलिदान और सैन्य विरासत

मुख्यमंत्री ने देवभूमि के ऐतिहासिक सैन्य योगदान को याद करते हुए बताया कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सपूत शहीद हुए थे, जिनमें से 75 बलिदानी अकेले उत्तराखंड के थे। उन्होंने इस बात पर गर्व जताते हुए कहा कि एक छोटा राज्य होने के बावजूद देवभूमि देश की सुरक्षा पंक्ति में हमेशा सबसे आगे खड़ी रही है। इसी अदम्य साहस का परिणाम है कि आज राज्य में 1,929 से अधिक वीरता पदक विजेता सैनिक मौजूद हैं।

वाजपेयी सरकार के नेतृत्व की सराहना

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दृढ़ नेतृत्व की सराहना करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उनके समय में भारत ने न केवल युद्ध के मैदान में सैन्य पराक्रम दिखाया, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे और बातचीत की मेज पर भी ऐतिहासिक और निर्णायक जीत दर्ज की थी।

Related Articles

Back to top button