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NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन: दिल्ली के चार मेट्रो स्टेशन बंद, रेलवे स्टेशनों पर हाई अलर्ट

NEET परीक्षा के पेपर लीक के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी रहा। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। 32वें दिन में प्रवेश कर चुके इस प्रदर्शन में विपक्षी नेता और छात्र समूह परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। घटनाक्रम में एक नाटकीय मोड़ आया, जब कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी (एसपी) के अखिलेश यादव सहित विपक्षी नेताओं को मंगलवार को पुलिस ने जबरन हटा दिया। ये नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना दे रहे थे और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

सुरक्षा कारणों से डीएमसीआर ने चार मेट्रो स्टेशन बंद किए

राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिसके चलते दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने सुरक्षा कारणों से चार मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए। प्रभावित स्टेशन राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय हैं। वही दूसरी ओर लोकसभा सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

उद्धव ठाकरे ने सरकार पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाया

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कथित नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया और सरकार पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने में विफल रहने का आरोप लगाया। ठाकरे ने कहा कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत के प्रति उनका समर्थन केवल कल तक सीमित नहीं था, बल्कि “पहले दिन से” ही था। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले ही बातचीत शुरू कर देनी चाहिए थी, जिससे प्रदर्शन को इतना बढ़ने से रोका जा सकता था। ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा, “सरकार का धैर्य खत्म हो गया है, लेकिन उसे यह नहीं पता कि लोग जब चाहें उन्हें हटा सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार “तानाशाही” हो गई है।

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