उत्तर प्रदेश में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होते ही प्रदेश भर में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को मेरठ में इस सीजन की सबसे रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जबकि शाहजहांपुर, बिजनौर और कानपुर में भी मूसलाधार बारिश देखने को मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को भी पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश में बारिश का हाल और रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 80.8 मिलीमीटर बारिश मेरठ में दर्ज की गई। इसके अलावा बिजनौर में 80 मिलीमीटर, जबकि कानपुर और शाहजहांपुर में 79-79 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। राजधानी लखनऊ में भी बुधवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान जताया गया है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट
आईएमडी के मुताबिक, बुधवार को पश्चिमी यूपी के आठ प्रमुख जिलों मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा, अलीगढ़, आगरा, बरेली, रामपुर, संभल, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के इलाकों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जिससे पूरे प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जुलाई के बाद अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। इससे पहले प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा।



