उत्तराखंड

‘भारत-नेपाल के रिश्ते राजनीतिक नहीं, बल्कि भाइयों जैसे’, सीएम धामी ने गोरखा महोत्सव में संबंधों को सराहा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता सिर्फ राजनीतिक या व्यापारिक नहीं, बल्कि दो भाइयों जैसा है।

1 नवंबर को देहरादून के महेंद्र ग्राउंड में वीर गोरखा कल्याण समिति द्वारा आयोजित ‘गोरखा दशैं दीपावली महोत्सव और राजकीय मेला’ को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने संकट के समय नेपाल के साथ भारत की अटूट एकजुटता को दोहराया।

नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब भी नेपाल पर कोई प्राकृतिक आपदा या त्रासदी आती है, तो भारत का हर नागरिक और बच्चा उस दर्द को महसूस करता है। हमारे दिल एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।” उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को यह भारी दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

धामी ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नेपाल को इस भारी नुकसान से उबारने और उसके विकास की गति को वापस लाने में हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

अपने संबोधन में सीएम धामी ने उत्तर प्रदेश (पीलीभीत) की सीमा के खत्म होने से लेकर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ तक फैली लंबी भारत-नेपाल सीमा के साझा भौगोलिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का विशेष रूप से जिक्र किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की तरफ से गोरखा समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार गोरखा समाज के समग्र विकास और प्रगति के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।

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