
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राज्य पुलिस के लिए नए झंडे, आदर्श वाक्य (मोटो), प्रतीक चिह्न और औपचारिक वर्दी का अनावरण किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, सुनहरी पत्तियों की माला (लॉरेल रीथ), हिमालय और नदियों की लहरों को शामिल किया गया है। ये सभी तत्व राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और राज्य की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं।
राज्य पुलिस का नया झंडा अब गहरे नीले रंग का होगा, जिसने पहले के तिरंगे जैसे पुलिस ध्वज की जगह ली है। इसके बीच में नया प्रतीक चिह्न उकेरा गया है और किनारों पर लाल व सुनहरे रंग का बॉर्डर है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस का नया आदर्श वाक्य “कर्म सत्यम शौर्यम” (कर्तव्य, सत्य और वीरता) रखा गया है, जो सत्यनिष्ठा और अदम्य साहस के साथ अपने कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों और जवानों की वर्दी पर लगाए जाने वाले फॉर्मेशन साइन, बैज और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप नया रूप दिया गया है। पारंपरिक खाकी के साथ पहनी जाने वाली औपचारिक (सेरेमोनियल) वर्दी में भी बदलाव किए गए हैं, जिसमें अब एक मल्टी-कलर सैश (कमरबंद) और परेड से जुड़ी विशेष सजावट शामिल हैं।
सीएम धामी ने यह भी घोषणा की कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर’ (राष्ट्रपति का पुलिस ध्वज) सम्मान प्रदान करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर पुलिस के जवान अपनी नई औपचारिक वर्दी पहनकर परेड में हिस्सा लेंगे।
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर इन नए प्रतीकों के अनावरण के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है।




