
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक बेहद दर्दनाक और अकल्पनीय हादसा सामने आया है। जिले के पतारा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले हिरनी गांव में एक मकान की कच्ची छत अचानक भरभराकर ढह गई। इस भयानक हादसे में मलबे के नीचे दबकर एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में 45 वर्षीय पिता मुकेश सिंह और उनकी तीन बेटियां शामिल हैं। इस अचानक आई विपदा ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है और पीड़ित परिवार में मातम छा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुकेश सिंह अपने परिवार के साथ घर के अंदर मौजूद थे, तभी यह जानलेवा हादसा हुआ। कच्ची छत के अचानक गिरने से परिवार के पांच सदस्य भारी मलबे के नीचे दब गए। मकान गिरने की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण बदहवास हालत में मौके पर दौड़े।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए अपने स्तर पर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया और तत्काल पुलिस को भी इस घटना की सूचना दी। सूचना पाते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर तेजी से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और पुलिस ने मलबे में दबे मुकेश सिंह, उनकी 16 वर्षीय बेटी माया, 12 वर्षीय नीतू और 7 वर्षीय मासूम पल्लवी को बाहर निकाला। आनन-फानन में इन सभी को इलाज के लिए पास के पतारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के उपरांत चारों को मृत घोषित कर दिया। एक ही झटके में परिवार के चार लोगों की मौत की खबर से गांव में हाहाकार मच गया।
इस पूरी घटना के दौरान मुकेश सिंह की चौथी और सबसे बड़ी 19 वर्षीय बेटी काजल काफी देर तक मलबे में फंसी रही। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस और बचाव दल को भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। लंबी कोशिशों के बाद काजल को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और उसे तुरंत बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने में जुटी है। घटनास्थल पर फिलहाल मलबा हटाने और बचाव का काम पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है, लेकिन इस त्रासदी ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।




