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धीरे-धीरे आपके दिमाग को खा रही है यह बीमारी, एक साथ इतनी मानसिक बीमारियों का बनती है कारण

आजकल तो दिमाग से जुड़ी समस्या तेजी से बढ़ती ही जा रही हैं। कई बार तो आपके साथ वो होता है जो शायद आपने कभी सोचा भी ना हो। कभी आपको लगता है कि आप कुछ ज्यादा ही सोच रहे हैं तो कभी आपको लगता है कि आप कम सोच रहे हैं। कभी आपके विचार एकदम से उभार मारने लगते हैं तो कभी अचानक से धरती पर आकर गिर जाते हैं। लोकिन हम आपको बता दें कि यह कोई सामान्य समस्या नहीं है इस समस्या को आप ब्रेन फॉग के नाम से जानते हैं।

ब्रेन फॉग

इस समस्या में आपको लगता है कि आपकी याददाश्त कमजोर हो रही है, हमेशा कुछ सोचते रहना, कन्फ्यूजन में जिंदगी जी रहे हैं। किसी काम में एकाग्र न हो पाना। इस समस्या को ब्रेन फॉग के नाम से जाना जाता है। ब्रेन फॉग का खतरा दिमागी काम करने वाले स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा लोगों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा होता है।

क्यों खतरनाक है ब्रेन फॉग

ब्रेन फॉग के कारण आपको किसी तरह की शारीरिक परेशानी नहीं होती है मगर फिर भी ये एक खतरनाक रोग है। संभवतः आपको ये बात पता होगी कि हमारे शरीर का एक सेंट्रल नर्वस सिस्टम होता है, जिसकी सहायता से हमारा शरीर चलता है। ब्रेन फॉग आपके सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे आपका दिमाग आपके बाकी शरीर को जो संकेत देना चाहता है, उसमें उसे परेशानी आती है और आप प्रभावित होते हैं। आमतौर पर निर्णय न ले पाना, किसी चीज को याद न कर पाना, लोगों को न पहचान पाना आदि इसके लक्षण हैं।

कारण

स्ट्रेस लेना

जब भी आप स्ट्रेस यानी तनाव लेते हैं, तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसके कारण आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और कई बार आप डिप्रेशन या क्रॉनिक स्ट्रेस की स्टेज में पहुंच जाते हैं। इसके कारण आपको कई मानसिक परेशानियां हो सकती हैं, जिनमें से एक ब्रेन फॉग भी है।

नींद पूरी न लेना

अगर आप ठीक से यानी गहरी नींद नहीं सो पाते हैं या 7-8 घंटे से कम नींद लेते हैं, तो आपको ब्रेन फॉग हो सकता है। जरूरत से कम सोने से आपके मस्तिष्क में कई तरह के बदलाव होते हैं, जो आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इसके कारण आपकी एकाग्र होने की क्षमता भी प्रभावित होती है।

हार्मोनल बदलाव

हार्मोनल बदलावों के कारण भी आपको ब्रेन फॉग का खतरा होता है। प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन हार्मोन्स आमतौर पर प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ जाते हैं। इसके कारण गर्भवती महिलाओं को ब्रेन फॉग होने का खतरा होता है। इस दौरान चीजों को भूलने, किसी काम में ध्यान न लगा पाने और सोचते-सोचते खो जाने जैसी समस्याओं से उन्हें जूझना पड़ता है। इसी तरह मेनोपॉज के बाद भी इसका खतरा बढ़ जाता है।

आहार

दिमाग पर आपके आहार का सीधा प्रभाव पड़ता है। गलत खान-पान भी ब्रेन फॉग का कारण बन सकता है। विटामिन बी-12 की कमी से कई मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों से ब्रेन फॉग का खतरा काफी बढ़ जाता है जैसे- मोनोसोडियम ग्लूटामेट। कुछ लोगों में डेयरी प्रोडक्ट्स और मूंगफली के कारण भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं।

 

 

 

 

 

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