
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रक्षाबंधन का खुशनुमा माहौल उस वक्त गहरे मातम में बदल गया, जब रुपईडीहा थाना क्षेत्र के शिवबढ़ैया गांव में दो किशोरों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बृहस्पतिवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वालों में एक स्थानीय किशोर और दूसरा रक्षाबंधन के मौके पर अपने मामा के घर आया उसका हमजोली शामिल है। बारिश के कारण तालाब के किनारे बनी फिसलन इस जानलेवा हादसे का मुख्य कारण बनी, जिसने दो परिवारों के चिराग एक ही झटके में बुझा दिए।
श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र स्थित सलारूपुरवा निवासी 16 वर्षीय संदीप कुमार वर्मा अपनी मां के साथ शिवबढ़ैया गांव में अपने मामा लवकुश वर्मा के घर त्योहार मनाने आया हुआ था। बृहस्पतिवार को संदीप पड़ोस में ही रहने वाले 14 वर्षीय दीपेंद्र कुमार सोनकर के साथ गांव की उत्तर दिशा में स्थित एक प्राचीन तालाब के पास टहलने निकला था। रास्ते में उनकी मुलाकात खेत में काम कर रहे 16 वर्षीय अरविंद वर्मा से हुई। कुछ देर बातचीत करने के बाद दोनों किशोर जैसे ही तालाब के किनारे आगे बढ़े, बारिश के कारण वहां जमा कीचड़ और फिसलन की वजह से उनका संतुलन बिगड़ गया। दोनों ढलान से फिसलते हुए सीधे गहरे पानी में जा गिरे और डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर अरविंद उन्हें बचाने दौड़ा, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह बेबस रहा और उसने तुरंत गांव भागकर ग्रामीणों को इस खौफनाक हादसे की सूचना दी।
हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और बदहवास परिजन ग्रामीणों के साथ घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय गोताखोरों जाबिर अली, कौशर अली, लवकुश और कलीम ने बिना समय गंवाए बचाव के लिए तालाब में छलांग लगा दी। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों किशोरों के शवों को पानी से बाहर निकाला, जिसे देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना पाकर रुपईडीहा थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ और तहसीलदार विकास कुमार सहित पूरी राजस्व टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति का मुआयना करने के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
त्योहार मनाने आए संदीप की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। दो भाइयों में सबसे छोटा संदीप अपने मामा लवकुश, रामनाथ और मनोज वर्मा के घर खुशियां बांटने आया था, लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा और रोना-पीटना पसरा है। एक ही दिन में गांव के दो बच्चों के इस तरह अचानक चले जाने से पूरे शिवबढ़ैया गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है।


