APRIL FOOL DAY: आखिर क्यों मनाया जाता है सबको बेवकूफ

downloadएजेन्सी/अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में आई भारी गिरावट के चलते भारत के इतिहास में पहली बार पेट्रोल व डीजल के दामों में कमी की गई है। यदि विश्वास नहीं हो रहा हो तो नीचे दिए गए लिंक पर जाकर चेक कर लें। लिंक पर क्लिक करने पर आपको पता चलेगा कि आप अप्रैल फूल बन चुके हैं।

अप्रैल फूल डे

अप्रैल फूल एक अप्रैल को मनाया जाता है, लेकिन इस बार तो पहले ही एसएमएस का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग गुजर चुकी तारीख पर किसी फंक्शन के लिए इनवाइट कर रहे हैं तो कुछ लोग अपने कॉमन फ्रेंड की गलत बर्थ डेट बता कर बेवकुफ बना रहे हैं। लोगों को एसएमस पढ़ कर गुस्सा भी आता है। कुछ लोगों को हंसी आती है।

हिन्दूवादी संगठनों के लोग अप्रैल फूल को लेकर ही गुस्सा जता रहे हैं। उनका कहना है कि अप्रैल से हमारा पवित्र माह शुरू होता है ऐसा करके हमारे पवित्र माह का मजाक उड़ाया जा रहा है। हिंदूवादी संगठन इसे अंग्रेजों की चाल बताते हैं।

अंग्रेजों द्वारा एक जनवरी वाला कलैंडर शुरू करने से पहले लोग विक्रमी संवत के अनुसार एक अप्रैल से अपना नया साल मनाते थे। हालांकि आज भी हमारे बही खाते और बैंक ३१ मार्च को बंद होते हैं और एक अप्रैल से शुरू होते हैं। लेकिन अंग्रेजी कलैंडर की शुरुआत के बाद एक अप्रैल को मूर्खता दिवस का नाम दे दिया गया।

कितना प्यारा तुझे रब ने बनाया, कितना प्यारा तुझे रब ने बनाया, मन खुश हो गया कि मैंने तुझे तीन दिन पहले ही अप्रैल फूल बनाया। इसके अलावा यह संदेश भी चल रहा है कि इन हसीनों से रस्में वफ़ा और दिल लगाना सरासर भूल है। जिस दिन ये इकरार करें मोहब्बत का समझ लेना उस दिन अप्रैल फूल है।

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