उत्तराखंड

उत्तराखंड से पहली बार 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज़ का निर्यात इराक, APEDA ने किया सहयोग

नई दिल्ली/देहरादून: कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने उत्तराखंड से इराक को 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज़ का पहला निर्यात सफलतापूर्वक पूरा कराया है। यह उपलब्धि राज्य के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है और मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोल रही है।

यह खेप उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित विरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात की गई। इससे भारत के प्रसंस्कृत आलू उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ने का संकेत मिला है और देश के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात बास्केट को मजबूती मिली है।

APEDA के अनुसार, यह शिपमेंट अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोहराए जाने वाले ऑर्डर और लंबे समय तक चलने वाले व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्राधिकरण ने निर्यातक को SIAL, Gulfood, IndusFood और World Food India जैसी वैश्विक खाद्य व्यापार प्रदर्शनियों में भागीदारी कराकर विदेशी खरीदारों से जोड़ने में सहायता की।

2025-26 वित्तीय वर्ष में भारत ने 7,26,874.70 मीट्रिक टन प्रसंस्कृत सब्जियों का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 932.25 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही। इसमें मूल्यवर्धित आलू उत्पादों की मात्रा 2,77,108.51 मीट्रिक टन (289.40 मिलियन USD) रही। प्रसंस्कृत फल और सब्जियां APEDA के अनुसूचित निर्यात में लगभग 10% का योगदान रखती हैं।

APEDA अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि लैंडलॉक्ड राज्यों जैसे उत्तराखंड के लिए लॉजिस्टिक्स लागत निर्यात क्षमता को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक है। उन्होंने बताया कि APEDA उत्तराखंड सरकार के साथ राज्य की कृषि निर्यात नीति पर कार्य कर रहा है, जिसमें परिवहन सहायता उपाय शामिल हैं ताकि लॉजिस्टिक्स लागत कम हो और निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच मिल सके।

APEDA ने कहा कि उत्तराखंड में प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग का विकास कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत कर रहा है। इससे गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल की मांग बढ़ रही है, मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन मिल रहा है और अधिक किसानों व प्रसंस्करण इकाइयों को निर्यात उन्मुख आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा जा रहा है।

प्राधिकरण भविष्य में भी राज्य सरकारों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), प्रसंस्करण इकाइयों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर निर्यात बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, वैश्विक बाजार पहुंच बढ़ाने और भारत से मूल्यवर्धित कृषि निर्यात को बढ़ावा देने का कार्य जारी रखेगा।

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