उत्तराखंड

नारनौल में सजा बाबा रामदेव के परिवार का समारोह: भांजी मुदिता की सगाई में पहुंचे सीएम धामी

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में शुक्रवार (16 अक्टूबर 2026) को एक बेहद खास और भव्य पारिवारिक समारोह का आयोजन हुआ।खटोटी-सुल्तानपुर गांव में योग गुरु बाबा रामदेव की भांजी मुदिता यश की सगाई का भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ।इस विशेष अवसर पर धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियां महेंद्रगढ़ पहुंचीं।

समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, हरियाणा के मंत्री राव नरवीर, महिपाल ढांडा और भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।शाम 5:15 बजे यज्ञ-हवन के बाद 6:15 बजे रिंग सेरेमनी की रस्में पूरी की गईं और रात में मेहमानों के लिए भव्य प्रीतिभोज का आयोजन किया गया।

कौन हैं मुदिता और उनके मंगेतर कुशल वीर?

मुदिता यश, डॉ.यशदेव शास्त्री और डॉ.ऋतम्भरा शास्त्री की सुपुत्री हैं और उन्होंने एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है।वहीं, उनके मंगेतर कुशल वीर मूल रूप से गुरुग्राम के निवासी हैं।उनके पिता का नाम डॉ.वीर सिंह और माता का नाम राजेश वीर है।कुशल वर्तमान में बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) में नौकरी कर रहे हैं।हालांकि, अभी तक मुदिता और कुशल की शादी की आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है।

कारोबारी परिवार और सामाजिक सरोकार

मुदिता के पिता डॉ.यशदेव शास्त्री देश के जाने-माने उद्योगपति हैं, जो तेल मिल और माइनिंग के बड़े कारोबारी हैं।वे बाबा रामदेव के केवल जीजा ही नहीं हैं, बल्कि पतंजलि के लिए उत्पाद तैयार करने वाले प्रमुख व्यावसायिक साझेदार भी हैं। डॉ. यशदेव शास्त्री समाजसेवा में भी काफी सक्रिय रहते हैं।उन्होंने हाल ही में खटोटी गांव में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक और प्रदूषण मुक्त श्मशान घाट का निर्माण करवाकर एक अनूठी मिसाल पेश की है, जिसके चलते यह समारोह स्थानीय स्तर पर भी काफी चर्चा में रहा।

बाबा रामदेव का महेंद्रगढ़ कनेक्शन

योग गुरु बाबा रामदेव, जिनका मूल नाम रामकृष्ण यादव है, का जन्म भी महेंद्रगढ़ जिले के ही सैदलीपुर गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा में पूरी की और बाद में गुरुकुल से संस्कृत और योग की कठिन साधना सीखी।बाद में उन्होंने आचार्य बालकृष्ण के साथ मिलकर हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ की स्थापना की।जनवरी 2015 में हरियाणा सरकार ने उन्हें राज्य में योग और आयुर्वेद का ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया था।

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