
राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जहां खाटू श्याम मंदिर के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे 15 फीट गहरे नाले में पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में कम से कम आठ लोगों की जान चली गई, जबकि 17 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, यह बस मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से श्रद्धालुओं को लेकर राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए निकली थी। बस में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित कुल 25 यात्री सवार थे।
यह हृदयविदारक हादसा सुबह करीब छह बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पोल नंबर 384 के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, अचानक वाहन चालक का बस पर से नियंत्रण खो गया, जिसके चलते तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क से सीधे 15 फीट गहरे नाले (खाई) में गिर पड़ी। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और अंदर सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की वास्तविक और सटीक वजहों का पता लगाने के लिए पुलिस व संबंधित एजेंसियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और आपातकालीन बचाव दल मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर राहत अभियान शुरू किया। नाले में भरे पानी और कीचड़ की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने क्रेन मंगवाकर कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त बस को नाले से बाहर निकाला। कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि दुर्घटना के बाद 17 घायलों को तत्काल न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) और आठ घायलों को एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे 17 लोगों में से सात को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि एमबीएस अस्पताल ले जाए गए मरीजों में से एक को मृत घोषित किया गया। जिला कलेक्टर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
इस दर्दनाक सड़क हादसे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए संबंधित जिला और स्वास्थ्य प्रशासन को सभी घायलों का समुचित व नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।



