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त्योहारों से पहले हाथरस में टला खौफनाक हादसा: पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई में 33 टन विस्फोटक सामग्री जब्त, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए पुलिस ने अवैध आतिशबाजी और विस्फोटक सामग्री के काले कारोबार पर अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालापट्टी और आईयापुर इलाकों में अचानक और गुप्त छापेमारी की।

इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौत के उस बड़े व्यापार का भंडाफोड़ किया है, जो आगामी त्योहारों की आड़ में पनप रहा था। पुलिस ने मौके से अवैध आतिशबाजी और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक विस्फोटकों का एक विशाल जखीरा बरामद करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस पूरी छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ जो सामग्री लगी है, उसकी मात्रा किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी है। पुलिस ने मौके से कुल 33 टन अवैध आतिशबाजी निर्माण सामग्री जब्त की है। इस भारी-भरकम और खौफनाक खेप में 25 टन पोटाश और 8 टन गंधक (सल्फर) जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री शामिल है। इस काले धंधे को संचालित करने के आरोप में पुलिस ने राम वार्ष्णेय और मनोज वार्ष्णेय नामक दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।

सबसे अधिक चिंताजनक बात यह सामने आई है कि इतनी विशाल मात्रा में विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण बिना किसी सरकारी अनुमति और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर किया जा रहा था। इस लापरवाही के कारण पूरे इलाके पर एक बड़े और जानलेवा हादसे का खतरा मंडरा रहा था, जहां एक छोटी सी चिंगारी भी भारी तबाही मचा सकती थी।

इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। हाथरस पुलिस प्रशासन का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर बारूद जुटाना किसी अकेले व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित नेटवर्क या सिंडिकेट सक्रिय है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक कच्चा माल कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन-किन जगहों पर होनी थी।

इस अवैध कारोबार के गिरोह में शामिल अन्य फरार सह-आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं और उनके छिपने के सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

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