
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी आठ उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में विधान भवन पहुंचकर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन से पहले सुबह सभी प्रत्याशी लखनऊ स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के भारी हुजूम के साथ सभी उम्मीदवार विधान भवन के लिए रवाना हुए।
विधान भवन में नामांकन की औपचारिकताएं पूरी करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी आठों प्रत्याशियों को जीत की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए पार्टी की मजबूत संगठनात्मक स्थिति को रेखांकित किया। नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा प्रत्याशियों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। पार्टी ने इन चेहरों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की स्पष्ट कोशिश की है।
निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 6 अक्टूबर को नामांकन का आखिरी दिन था। इसके बाद 7 अक्टूबर को दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 9 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी, तो 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम तक मतगणना की जाएगी।
इस बीच प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना रुख साफ करते हुए चुनावी परिदृश्य को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। सपा की तरफ से प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवाणी पहले ही अपना पर्चा दाखिल कर चुके हैं।
मंगलवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारेगी। विपक्षी खेमे से तीसरा प्रत्याशी न उतरने के बाद उत्तर प्रदेश की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव निर्विरोध संपन्न होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।



