उत्तराखंड

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सियासी बवाल: सीएम धामी ने एनएसए अजीत डोभाल पर टिप्पणी को लेकर बोला कड़ा हमला

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।

इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लेकर की गई राहुल गांधी की टिप्पणियों पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।सीएम धामी ने गांधी के बयानों को बेहद निंदनीय करार देते हुए इसे देवभूमि उत्तराखंड और देश के सम्मान पर सीधा हमला बताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपना कड़ा ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राहुल गांधी ने उत्तराखंड के गौरव और देश की सुरक्षा के प्रति समर्पित अजीत डोभाल जी के खिलाफ जिस भाषा का इस्तेमाल किया है, वह पूरी तरह से अस्वीकार्य और घोर निंदनीय है।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध में कांग्रेस का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि वे उन विशिष्ट हस्तियों का भी सम्मान नहीं कर पा रहे हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन और कई दशक देश की सुरक्षा और सेवा में समर्पित कर दिए।

चूंकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं, इसलिए सीएम धामी ने इसे राज्य की अस्मिता से जोड़ते हुए बड़ा मुद्दा बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की यह मानसिकता उत्तराखंड और यहां के लोगों के प्रति उनके नजरिए को उजागर करती है। धामी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “देवभूमि कभी भी अपने सपूतों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी”।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड की जनता अपने नायकों का सम्मान करना जानती है और उनका अपमान करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देना भी बखूबी जानती है।

दरअसल, इंदौर में ‘सिस्टम बनाम छात्र’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने “देश पर सिस्टम का कब्जा” शीर्षक से एक विमर्श पेश किया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के सभी प्रमुख संस्थानों पर राजनीतिक, प्रशासनिक, वैचारिक और कॉरपोरेट हितों के एक नेटवर्क का कब्जा हो चुका है।

गांधी ने दावा किया कि देश का यह “सिस्टम” शीर्ष स्तर पर बैठे छह लोगों द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उद्योगपति गौतम अडानी, मुकेश अंबानी और एनएसए अजीत डोभाल का नाम लिया।राहुल ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि डोभाल टेलीफोन, व्हाट्सएप और फेसबुक संचार को नियंत्रित करके देश के सिस्टम को चला रहे हैं।

इस आयोजन और कांग्रेस की रणनीति पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी के अभियान को ‘छात्रों की गूंज’ के बजाय ‘झूठ की गूंज’ करार दिया।उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का यह झूठा विमर्श अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और देश का युवा उनकी इस नकारात्मक और संकीर्ण राजनीति को लगातार सिरे से नकार रहा है।

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