
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां व्हाट्सएप पर की गई बुलिंग (उत्पीड़न) और धमकियों से तंग आकर 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी।
यह दुखद घटना कौशांबी थाना क्षेत्र की है, जहां 24 अगस्त को आनंद विहार स्थित प्रतिष्ठित विवेकानंद स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा ने वैशाली स्थित अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतका के पिता ने शुक्रवार को आरोपी सहपाठी छात्र और उसके तीन परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने गहन छानबीन शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप चैट और धमकियों का खुलासा
शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह महज सामान्य आत्महत्या का मामला है, लेकिन जब उन्होंने अपनी बेटी की मृत्यु के बाद उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फोन से कई ऐसे वीडियो, ऑडियो और व्हाट्सएप चैट हाथ लगे, जिससे साफ हो गया कि छात्रा को लगातार स्कूल और ऑनलाइन माध्यमों से प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी छात्र लगातार धमकी देता था कि अगर उसने उसके बारे में किसी से कुछ भी कहा, तो वह उसकी जिंदगी तहस-नहस कर देगा और उसके माता-पिता को भी सरेआम पीटेगा। इन धमकियों और मानसिक उत्पीड़न के कारण छात्रा भारी तनाव में आ गई थी और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी।
घटना वाले दिन का दबाव और स्कूल की भूमिका
परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन ही आरोपी सहपाठी ने मृतका को व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल की थी। इस कॉल के दौरान आरोपी उस पर अपने माता-पिता से माफी मांगने का अनुचित दबाव बना रहा था, जिस दौरान छात्रा उसकी मिमिक्री भी करती नजर आई। उसे लगातार मानसिक रूप से डराया और धमकाया गया, जिसके ठीक बाद उसने यह खौफनाक कदम उठाया। जांच के दौरान स्कूल की प्रिंसिपल ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतका के पिता को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें घटना से जुड़े अहम वीडियो और सबूत हैं। इस पेन ड्राइव में आरोपी छात्र और उसके माता-पिता के साथ हुई बातचीत के साक्ष्य भी शामिल हैं, जिन्हें परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है।
पुलिस की जांच और स्कूल से दूरी
एसीपी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ समय पहले मृतका ने आरोपी छात्र से अपनी दूरियां बढ़ा ली थी और स्कूल में दूसरे दोस्तों के समूह (ग्रुप) में शामिल हो गई थी। इस बात से नाराज होकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
मानसिक प्रताड़ना इस हद तक बढ़ चुकी थी कि इस घटना से ठीक तीन दिन पहले ही छात्रा ने डर और तनाव के कारण स्कूल जाना पूरी तरह बंद कर दिया था। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों और पेन ड्राइव में मिले वीडियो के आधार पर सभी नामजद आरोपियों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।



