
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय दिवस के अवसर पर राज्य के सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। एक एक्स पोस्ट में, सीएम धामी ने हिमालय के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे “भारत की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग” बताया। उन्होंने लिखा हिमालय दिवस के अवसर पर राज्य के सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। हिमालय भारत की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग है। इसकी विशाल पर्वत श्रृंखलाएं, हिमनद, वन और नदियां न केवल देश की सुंदरता को बढ़ाती हैं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका का आधार भी हैं।
मुख्यमंत्री ने हिमालय के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। ट्वीट में आगे कहा गया, हमारी सरकार हिमालय के संरक्षण और संवर्धन के लिए पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए निरंतर और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा संकल्प है कि विकास के साथ-साथ हिमालय की समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जाए। इस अवसर पर, कई राजनेताओं ने हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा और उसके संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संदेश साझा किए।
उत्तराखंड के मंत्री गणेश जोशी ने भी ट्वीट करके शुभकामनाएं दीं और लिखा, “हिमालय दिवस के अवसर पर राज्य के सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। हिमालय हमारी संस्कृति, जैव विविधता और जीवनदायिनी नदियों का उद्गम स्थल है। उन्होंने लिखा आइए हम सब मिलकर इस पवित्र भूमि के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लें। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने लिखा, “भारत की मनोरम प्रकृति, निर्मल संस्कृति और सुखी जीवन की नींव तथा हमारी सुरक्षा की अभेद्य ढाल, हिमालय पर्वतमाला को समर्पित ‘हिमालय दिवस’ के अवसर पर, मैं सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।




