उत्तराखंड

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: देहरादून की आबोहवा में शानदार सुधार, राष्ट्रीय रैंकिंग में लगाई लंबी छलांग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में अभूतपूर्व प्रगति करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग में भारी सुधार किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’ की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, तीन से दस लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून ने पूरे देश में 12वां स्थान हासिल किया है।

पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर ने अपनी वायु गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव किया है। वर्ष 2024 में देहरादून इस सूची में 41वें और 2025 में 19वें पायदान पर था, जिसके बाद अब 2026 में 12वां स्थान हासिल कर शहर ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई और स्वच्छ पहचान बनाई है। राज्य सरकार ने इस बड़ी छलांग को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है।

शहर की आबोहवा में आया यह निरंतर सुधार केवल रैंकिंग का बदलाव नहीं है, बल्कि यह वायु प्रदूषण को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर किए गए बहुआयामी प्रयासों का सीधा परिणाम है। प्रशासन द्वारा धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की कड़ी निगरानी, पर्यावरण के अनुकूल हरित परिवहन (ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन) को बढ़ावा देने और आम जनता के बीच व्यापक जागरूकता फैलाने जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। इन्ही सुनियोजित रणनीतियों और कड़े प्रशासनिक फैसलों के चलते देहरादून के प्रदूषण स्तर में यह भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शहरवासियों को सांस लेने के लिए एक स्वच्छ वातावरण मिल सका है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए एक गर्व का विषय बताया है। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय देहरादून के जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, देहरादून नगर निगम के समर्पित प्रयासों और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निरंतर और सख्त निगरानी को दिया है।

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार पर्यावरण संरक्षण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि स्वच्छ हवा केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर नागरिकों के स्वस्थ जीवन और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू है।

देहरादून के साथ-साथ उत्तराखंड के अन्य शहरों, विशेषकर ऋषिकेश और काशीपुर ने भी पिछले वर्षों की तुलना में अपनी वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार प्रदर्शित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस सफलता से उत्साहित राज्य सरकार अब ‘क्लीन एयर इनिशिएटिव’ को पूरे प्रदेश में एक जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत राज्य के अन्य शहरों की वायु गुणवत्ता को और अधिक सुधारने के लिए वहां की स्थानीय भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रभावी कार्ययोजनाएं तैयार कर उन्हें लागू किया जाएगा, ताकि पूरे उत्तराखंड को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

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