
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर बनी एक पुरानी मस्जिद पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया है।
प्रशासन की ओर से इस धार्मिक ढांचे को पूरी तरह से अवैध निर्माण करार दिया गया था, जिसके बाद इसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। इस पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की सख्त निगरानी में बुलडोजर की मदद से इस ढांचे को पूरी तरह से हटा दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित यह मस्जिद कोई नया निर्माण नहीं था, बल्कि स्थानीय लोगों और जानकारों के मुताबिक इसे लगभग 70 साल पुरानी बताया जा रहा है। लंबे समय से यह ढांचा सरकारी परिसर में मौजूद था। हाल ही में इस निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की गई, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से इसे आधिकारिक रूप से अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा गया। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद ही प्रशासन ने इसे हटाने का अंतिम फैसला लिया और कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की।
विध्वंस की इस पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। चूंकि यह मामला एक धार्मिक ढांचे से जुड़ा था, इसलिए किसी भी प्रकार के संभावित विरोध प्रदर्शन या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी।
अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर ने चंद घंटों में ही मस्जिद के निर्माण को ढहा दिया। फिलहाल, प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है, ताकि शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रहे और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।




