
भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का पावन त्योहार यानी कृष्ण जन्माष्टमी आज देश भर में बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु कन्हाजी को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते हैं। अगर आप पहली बार जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं, तो व्रत के खाने (फलाहार) को लेकर मन में उलझन होना स्वाभाविक है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, जन्माष्टमी के व्रत में खान-पान के कुछ कड़े नियम होते हैं। आइए जानते हैं कि आज व्रत के दौरान नियम के अनुसार आप क्या खा सकते हैं और किन-किन चीजों से आपको पूरी तरह परहेज करना है ?
जन्माष्टमी व्रत के लिए 5 आसान रेसिपी
यदि आपने उपवास रखा है, तो खुद को ऊर्जावान रखने के लिए इन सात्विक और फलाहारी चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इससे आपके शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलेगी। अक्सर लोग व्रत के फलाहार में सिर्फ आलू की ही चीजें बनाते हैं। अगर आप भी हर बार आलू खाकर बोर हो चुके हैं और इस बार कुछ अलग तथा स्वादिष्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप घर पर ही बेहद आसानी से कई तरह की लजीज फलाहारी डिशेज तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं जन्माष्टमी व्रत के लिए ऐसी ही 5 आसान और टेस्टी रेसिपीज, जिन्हें आप घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं।
1. साबूदाना खिचड़ी: सबसे पहले साबूदाने को धोकर 2-3 घंटे के लिए भिगो दें। अब एक कढ़ाई में देसी घी गरम करें और उसमें जीरा, कटी हुई हरी मिर्च और करी पत्ता डालकर भूनें। इसके बाद कढ़ाई में उबले हुए आलू के टुकड़े, भुनी व कुटी हुई मूंगफली और भीगा हुआ साबूदाना डालें। ऊपर से स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। इसे ढककर 3-4 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। जब साबूदाना ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) हो जाए, तो गैस बंद करके ऊपर से नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालकर गरमा-गरम परोसें।
2. फ्रूट क्रीम या फलाहारी फ्रूट चाट: अपनी पसंद के ताजे फलों (जैसे केला, सेब, अनार, पपीता) को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अगर आप फ्रूट क्रीम बनाना चाहते हैं, तो कटे हुए फलों में थोड़ी ठंडी क्रीम या गाढ़ा दूध और पिसी हुई चीनी मिलाकर मिक्स करें। वहीं, अगर आपका मन कुछ चटपटा खाने का है, तो फलों में क्रीम की जगह स्वादानुसार सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिला लें। इस तरह आपकी बेहद हेल्दी और स्वादिष्ट फलाहारी चाट मिनटों में तैयार हो जाएगी।
3. मखाने की खीर: मखाने की खीर व्रत में बनाई जाने वाली एक बेहद स्वादिष्ट और लोकप्रिय मिठाई है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी डालकर मखानों को हल्का सुनहरा होने तक भून लें और फिर उन्हें दरदरा कूट लें। अब एक बर्तन में दूध उबालें और उसमें भुने हुए मखाने डालकर दूध के गाढ़ा होने तक अच्छी तरह पकाएं। इसके बाद इसमें स्वादानुसार चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं। अंत में काजू, बादाम और पिस्ता जैसे मनपसंद ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे गरमा-गरम या फ्रिज में ठंडा करके परोसें।
4. कुट्टू की पूरी और फलाहारी रायता: इसे बनाने के लिए सबसे पहले कुट्टू के आटे में मैश किए हुए उबले आलू, बारीक कटी हरी मिर्च और स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाएं। अब जरूरत के अनुसार बेहद कम पानी डालते हुए इसका एक सख्त आटा गूंथ लें (ध्यान रहे कि आटा ज्यादा नरम न हो)। इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्के हाथों से पूरियां बेल लें। इन पूरियों को कड़ाही में गर्म घी या मूंगफली के तेल में डालकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।इसके साथ सर्व करने के लिए दही को अच्छी तरह फेंटें। अब इसमें कद्दूकस किया हुआ खीरा, भुना हुआ जीरा पाउडर और सेंधा नमक डालकर अच्छे से मिक्स करें। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालकर इसे पूरी के साथ ठंडा-ठंडा परोसें।
5. समा के चावल का फलाहारी पुलाव: इसे बनाने के लिए सबसे पहले समा के चावल (व्रत के चावल) को अच्छी तरह धोकर करीब 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इस बीच एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें मूंगफली व काजू को हल्का सुनहरा होने तक भूनकर अलग प्लेट में निकाल लें। अब उसी बचे हुए घी में जीरा और कटी हुई हरी मिर्च का तड़का लगाएं। इसके बाद छोटे टुकड़ों में कटे हुए आलू डालकर उन्हें कुछ मिनट के लिए पका लें।अब कड़ाही में भीगे हुए चावल डालें और स्वादानुसार सेंधा नमक व काली मिर्च पाउडर मिलाएं। इसमें जरूरत के मुताबिक पानी डालकर कड़ाही को ढक दें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि चावल अच्छी तरह खिल न जाएं और पानी पूरी तरह सूख न जाए। आखिर में गैस बंद करके भुने हुए काजू-मूंगफली, नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालकर हल्के हाथों से मिलाएं और गरमा-गरम परोसें।



