
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के 5253वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर मथुरा पहुंचकर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस खास मौके पर उन्होंने ब्रजवासियों सहित समस्त प्रदेश और देशवासियों को जन्माष्टमी महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
दर्शन-पूजन के क्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मंदिर परिसर के गर्भगृह और भागवत भवन में ठाकुर जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत उन्होंने मंदिर परिसर में ‘गौ सेवा समर्पित अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया और अपने हाथों से गौ माता की सेवा कर सनातन परंपरा का निर्वहन किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और आस्था की अटूट शक्ति का पुरजोर शब्दों में बखान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की सभ्यता और विरासत पांच हजार वर्ष से भी अधिक पुरानी है और इसे मिटाने का दुस्साहस करने वाला कोई भी व्यक्ति या शक्ति कभी सफल नहीं हो सकी है।
द्वापर युग का ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रकार अत्याचारी कंस ने इस संस्कृति को समाप्त करने का षड्यंत्र रचा था और अंततः वह स्वयं ही नष्ट हो गया, ठीक उसी प्रकार आज के समय में भी जो राष्ट्र विरोधी ताकतें इस महान संस्कृति को मिटाने का प्रयास कर रही हैं, उनका भी पतन पूरी तरह से निश्चित है।
तीर्थ स्थलों पर हो रहे कायाकल्प और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार चौमुखी विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने तीर्थ स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी आमद पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज काशी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पहुंच रहे हैं।
इसी तरह, भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में भी हर रोज लगभग एक लाख भक्त दर्शन के लिए आ रहे हैं, और विशेष तीज-त्यौहारों पर यह संख्या बढ़कर पांच से दस लाख तक पहुंच जाती है। उन्होंने मथुरा में देश के कोने-कोने से पधारे श्रद्धालुओं का विशेष रूप से अभिनंदन करते हुए यह आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पूरी योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यही है कि मंदिरों में दर्शनार्थियों को एक सुव्यवस्थित और भक्तिमय माहौल मिले तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की तुष्टिकरण की राजनीति पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अतीत में कई विदेशी आक्रांताओं ने भारतीय संस्कृति को भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन हमारी यह गौरवशाली परंपरा आज भी शान से खड़ी है।
उन्होंने वोट बैंक की राजनीति करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भी कई राजनेता मंदिरों में जाने से कतराते हैं क्योंकि उन्हें डर लगता है कि इससे उनका वोट बैंक खिसक जाएगा। इसके विपरीत, सीएम योगी ने दृढ़ता के साथ कहा कि वे हर प्रमुख तीज-त्यौहार और महोत्सव पर पूरे गर्व के साथ मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं और विकास के पथ पर बिना किसी भेदभाव के काम करते हैं। अपने ओजस्वी संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अपार जनसमूह पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया और जन्माष्टमी पर्व की मंगलकामनाएं दीं।



