
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद शहर में हिंसा भड़क उठी । इस घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने बसों की खिड़कियां तोड़ दीं और फिर उसमें आग लगा दी। इस घटना के कारण अगमकुआन पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्र में पूरी तरह से अफरा-तफरी मच गई। इसके चलते 10 किलोमीटर लंबा यातायात जाम लग गया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ झड़प की और उन पर पत्थर फेंके, साथ ही एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी। तीन पुलिस वाहनों को भी जला दिया गया, जिससे इलाके में अराजकता और बढ़ गई। पुलिस ने अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है और स्थिति को नियंत्रण में लाने और वाहनों की आवाजाही बहाल करने की कोशिश कर रही है। जब पुलिस स्टेशन में आग लगाई गई, तब यहाँ तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। पटना शहर के उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सत्यम सहाय समेत शीर्ष अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मृतक का शव सड़क से हटा दिया है और यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।
उन्होंने बताया, “एक सड़क दुर्घटना हुई ,दुर्घटना के बाद मृतक के शव को सड़क पर रखकर यातायात को अवरुद्ध कर दिया गया और इस दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क उचित स्थिति में नहीं है और उनका आरोप है कि बस बहुत तेज गति से चल रही थी जिसके कारण उस व्यक्ति की मौत हुई। मृतक की पहचान स्थानीय 26 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में हुई। घटना से आक्रोशित लोगों ने बस में आग लगा दी, यात्री जान बचाकर भाग निकले, घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस की दो गाड़ियों समेत अन्य गाड़ियों में भी आग लगा दी।




