
देहरादून में एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनता का भरोसा ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत और प्राथमिक पूंजी है। उन्होंने अपनी सरकार की पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सच्ची जनसेवा के लिए निरंतर जवाबदेही, त्वरित जनसमस्या निवारण और जमीनी स्तर पर ठोस विकास का होना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और विकास एजेंडे में रखा गया विश्वास एक नैतिक आधार के रूप में कार्य करता है, जो सरकारी तंत्र को अधिक समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।
प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की ढिलाई को बर्दाश्त न करते हुए उन्होंने वरिष्ठ नौकरशाहों और विभाग प्रमुखों को यह निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का समाधान तय समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक देरी जनता के भरोसे को कमजोर करती है और इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।
राज्य और केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त उपायों, पारदर्शी भर्ती अभियानों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और भूमि विवाद समाधान अभियानों जैसे हालिया सुधारों को जनता के विश्वास पर खरा उतरने का व्यावहारिक प्रमाण बताया।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जमीन से जुड़े रहने का आह्वान किया ताकि शासन प्रणाली पूरी तरह संवेदनशील, सुलभ और उत्तराखंड की जनता के प्रति समर्पित बनी रहे।



