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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दूसरे स्वर्ण पदक पर निशाना साधने उतरेंगे जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा

भारत के दिग्गज जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज पुरुषों की भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।

साल 2018 के गोल्ड कोस्ट गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोट के कारण 2022 के बर्मिंघम गेम्स में भाग नहीं ले पाए थे। अब वह शानदार वापसी करते हुए अपने दूसरे कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक पर निशाना साधेंगे। चोट से उबरने के बाद यह उनके 2026 सीजन का पहला बड़ा टूर्नामेंट है।

ग्लासगो गेम्स से पहले नीरज ने दोहा डायमंड लीग के जरिए ट्रैक पर वापसी की थी। वहां उन्होंने लंबे समय बाद खेलते हुए अपने तीसरे प्रयास में 85.69 मीटर का थ्रो किया था। हालांकि, चौथे राउंड में 83.45 मीटर का थ्रो करने के बाद वे पांचवें राउंड में 86 मीटर का जरूरी आंकड़ा पार नहीं कर पाए। एक फाउल थ्रो के कारण वे शीर्ष तीन से बाहर हो गए और उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। अब ग्लासगो में होने वाली भाला फेंक प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न होगी। इसके क्वालिफिकेशन राउंड 30 जुलाई को खेले जाएंगे, जबकि पदकों के लिए निर्णायक फाइनल मुकाबला 1 अगस्त की सुबह (भारतीय समयानुसार) होगा।

इस बीच, ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन भारतीय दल का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। भारत ने अब तक एक स्वर्ण और दो रजत सहित तीन पदक अपनी झोली में डाल लिए हैं, जबकि मुक्केबाजी में भी भारत ने कम से कम छह और पदक पक्के कर लिए हैं।

पैरा-एथलेटिक्स में पुरुषों की टी47 100 मीटर दौड़ में दिलीप महादु गवित ने नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए शानदार स्वर्ण पदक जीता है, वहीं इसी स्पर्धा में मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाथ ने रजत पदक पर कब्जा जमाया। इसके अलावा एथलेटिक्स में मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद (लॉन्ग जंप) में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के साथ ही श्रीशंकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में दो पदक जीतने वाले भारत के पहले लॉन्ग जम्पर बन गए हैं।

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