
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देहरादून पुलिस लाइन हेलीपैड पर सीएम धामी ने अपना प्रोटोकॉल किनारे रखते हुए एक नन्ही स्कूली छात्रा से मुलाकात की और उससे बड़े ही स्नेहपूर्ण तरीके से बातचीत की।
मुलाकात और बातचीत के मुख्य बिंदु
- हेलीपैड पर खास मुलाकात: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून पुलिस लाइंस के हेलीपैड के पास खड़ी एक छोटी स्कूली बच्ची को देखकर खुद को रोक नहीं पाए और प्रोटोकॉल दरकिनार कर सीधे उसके पास पहुंच गए।
- कक्षा और नाम का सवाल: सीएम ने बच्ची से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा, जिस पर उसने बताया कि वह तीसरी कक्षा (Class 3) में पढ़ती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्यार से पूछा कि क्या वह उन्हें पहचानती है और उनसे जोर से अपना नाम बताने को कहा।
- बच्ची का बेबाक जवाब: मासूम छात्रा ने बिना किसी झिझक के मुस्कुराते हुए तुरंत जवाब दिया— “श्री पुष्कर सिंह धामी।”
- प्यार और दुलार: बच्ची का यह मासूम और सटीक जवाब सुनकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे। उन्होंने बड़े स्नेह के साथ बच्ची के सिर पर हाथ फेरा और उसे एक चॉकलेट भेंट की।
जनता के बीच पहुंचना धामी की कार्यशैली का हिस्सा (Public Connect)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अक्सर अपने कार्यक्रमों के दौरान आम लोगों से सीधे और सहज संवाद करते नजर आते हैं। चाहे मॉर्निंग वॉक के दौरान नागरिकों से मुलाकात हो, छात्रों के साथ बातचीत हो या बच्चों के साथ हंसी-मजाक, यह उनकी सार्वजनिक कार्यशैली का एक अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे कई वीडियो पहले भी सामने आ चुके हैं, जिन्हें जनता ने सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया है।
चुनावी साल से पहले जनसंपर्क पर खास नजर (Uttarakhand Politics)
उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री के इन जनसंपर्क कार्यक्रमों पर राजनीतिक हलकों की भी पैनी नजर बनी हुई है।
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारियों में जुटी है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने और सत्ता में वापसी की रणनीति बना रही है।
- इसी बीच, सीएम धामी लगातार जनता, युवाओं और बच्चों के बीच संवाद स्थापित कर अपनी पकड़ मजबूत करते दिखाई दे रहे हैं।
- गौरतलब है कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। ऐसे में चुनाव से पहले उनके जमीनी स्तर के कार्यक्रम और आम लोगों के बीच पहुंचना राजनीतिक और सामाजिक, दोनों ही दृष्टियों से चर्चा का विषय बना हुआ है।



