
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में बद्रीनाथ धाम को इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व के अनुरूप एक भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित रूप देने का कार्य तेजी से प्रगति पर है।
सरकार के इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य पवित्र धाम के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों को विश्वस्तरीय और सुगम सुविधाएं प्रदान करना है।
यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद अब बद्रीनाथ धाम ने भी श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में अपने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। धाम के इतिहास में पहली बार दर्शनार्थियों की संख्या 17 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, 23 अप्रैल को शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा ने 22 सितंबर तक महज 153 दिनों के भीतर ही 17,79,805 श्रद्धालुओं का नया और ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है।
यह भारी संख्या तब दर्ज की गई है, जब शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद होने में अभी करीब डेढ़ से दो महीने का समय बाकी है। मौसम साफ होने के साथ ही प्रतिदिन आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है और रोजाना हजारों श्रद्धालु भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर रहे हैं।
पर्यटन विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड राज्य गठन के वर्ष 2000 में करीब 6.95 लाख तीर्थयात्रियों ने बद्रीनाथ के दर्शन किए थे। वर्ष 2008 और 2010 में यह संख्या 10 लाख के पार गई थी, लेकिन 2014 की भीषण केदारनाथ आपदा और उसके बाद 2020-21 में कोविड-19 महामारी के कारण यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई थी और संख्या सिमट कर डेढ़-दो लाख रह गई थी।
हालांकि, धामी सरकार द्वारा तीर्थयात्रा प्रबंधन को सुदृढ़ करने और सुविधाओं के लगातार विस्तार के चलते 2022 से हालात पूरी तरह बदल गए हैं। पिछले कुछ वर्षों से हर साल लगभग 17 लाख से अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंच रहे हैं, जो राज्य के बेहतर होते पर्यटन ढांचे और सुरक्षित यात्रा व्यवस्थाओं को प्रमाणित करता है।




