
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत के एक दिन बाद, बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) को दिए गए लाइसेंस को लेकर पुलिस, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), पर्यटन विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एमसीडी सूत्रों ने बताया कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार हुए फ्लोरिश स्टेज़ होटल का अधिकार क्षेत्र एमसीडी के अंतर्गत नहीं आता था क्योंकि यह ‘लाल डोरा’ संपत्ति थी। उन्होंने कहा कि ऐसी इमारतें संरक्षित हैं और एमसीडी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकती।
लेकिन पर्यटन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बी एंड बी लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है। यह लाइसेंस तीन साल के लिए दिया जाता है। नियमों के अनुसार, गेस्ट हाउस संचालक को उसी इमारत में रहना होगा और वह नियमों के तहत अधिकतम आठ कमरे किराए पर दे सकता है। संपत्ति में ठहरने वाले मेहमानों का विवरण हर 15 दिन में पुलिस को देना अनिवार्य है।



