
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर और कई बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के मुख्य जांचकर्ता सत्यब्रत कुमार ने सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। केंद्र सरकार ने उनके आवेदन को मंजूरी दे दी है और इस महीने औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए।
2004 बैच के IRS अधिकारी सत्यब्रत कुमार ने ED में लगभग 12 साल तक सेवा दी और वहां सबसे लंबे समय तक डेप्युटेशन पर काम करने वाले अधिकारियों में शामिल रहे। महज 48 वर्ष की उम्र में उन्होंने VRS ले लिया, जबकि उनका रिटायरमेंट 2037 में होना था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कुछ निजी कारणों से यह फैसला लिया।
नीरव मोदी, विजय माल्या और महादेव ऐप घोटाले की जांच की कमान संभाली
सत्यब्रत कुमार ने मुंबई स्थित ED वेस्टर्न रीजनल ऑफिस के प्रमुख के रूप में नीरव मोदी-मेहुल चोकसी PNB फ्रॉड, विजय माल्या बैंक लोन फ्रॉड और महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले जैसी हाई-प्रोफाइल जांचों का नेतृत्व किया था।
यह बीते एक साल में ED से जुड़े दूसरे बड़े वरिष्ठ अधिकारी का इस्तीफा है। इससे पहले जुलाई 2025 में जॉइंट डायरेक्टर कपिल राज ने भी समय से पहले नौकरी छोड़ दी थी।



