
सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि बिना TET पास किए कोई भी शिक्षक इन कक्षाओं में पढ़ाने का पात्र नहीं है।
कोर्ट ने शिक्षकों की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करते हुए RTE Act 2009 और NCTE के नियमों का हवाला दिया। हालांकि, गैर-TET शिक्षकों की बड़ी संख्या और राज्यों की तैयारियों को देखते हुए कोर्ट ने समयसीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है।
मुख्य बातें:
- TET पास न करने पर नौकरी जा सकती है।
- सेवानिवृत्ति में 5 साल से कम बचे शिक्षकों को TET की बाध्यता नहीं (पदोन्नति के लिए जरूरी)।
- कोर्ट ने साफ चेतावनी दी कि अब और कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
कोर्ट ने शिक्षकों से अपील की कि वे सिर्फ नौकरी बचाने तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दें।



