
उत्तर प्रदेश की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 46 साल पुराने चर्चित कचहरी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
11 फरवरी 1980 को नवाबगंज के प्रकाश नारायण पांडेय कचहरी परिसर में जमानत कराने आए थे। दोपहर में चाय की दुकान पर बैठे प्रकाश पर विजय मिश्रा, संतराम, बलराम और जीत नारायण ने हमला कर दिया। आरोपियों ने उनके सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरी कचहरी में अफरा-तफरी मच गई थी।
विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार तृतीय की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। पीड़ित परिवार ने फैसले पर संतोष जताया है।
विजय मिश्रा पहले से ही कई अन्य आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं। इस फैसले से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।