
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में गुरुवार को बैगा जनजाति के 13 बच्चों को बंधुआ मजदूरी से बचाया गया। पुलिस ने बताया कि बैगा जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह है। बुधवार को चलाए गए बचाव अभियान के दौरान दो कथित तस्करों और छह नियोक्ताओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छावई ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर भोरमदेव क्षेत्र के थुहापानी गांव में बैगा समुदाय के नाबालिग बच्चों के माता-पिता को पैसे का लालच देकर जिले के कई गांवों में जबरन मजदूरी के लिए ले गए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा सूचना मिलते ही हमने अभियान शुरू किया, विभिन्न गांवों से 8 से 15 वर्ष की आयु के तेरह बच्चों को, जिन्हें जबरन बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी, बचाया गया। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और अब तक दो तस्करों और छह नियोक्ताओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बचाए गए बच्चों ने अधिकारियों को बताया कि छह से सात महीने पहले, आरोपियों में से एक, रवि यादव ने उनके माता-पिता को पैसे का लालच देकर फुसलाया और उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले गया, जहां उनसे मवेशी चराए गए और पशुओं की देखभाल करवाई गई।



