
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर मणिपुर के बहादुर वीर स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मालिक की कहानी एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर रही है। भारतीय वायुसेना के इस साहसी पायलट ने पिछले साल 7 मई की आधी रात पाकिस्तान की मजबूत एयर डिफेंस को भेदते हुए सु-30 एमकेआई विमान से दुश्मन के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया। भारी फायरिंग और रडार लॉक के बीच भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने मिशन को सफल बनाया।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कैंपों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन में स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मालिक डिप्टी मिशन लीडर के रूप में बिना किसी एस्कॉर्ट के दुश्मन क्षेत्र में घुसे। उन्होंने पहले हमले में एक टारगेट को नष्ट किया और फिर दूसरा हमला कर दूसरे ठिकाने को भी ध्वस्त कर दिया।
मणिपुर के इम्फाल ईस्ट के केइखू गांव के रहने वाले रिजवान मालिक मेइती पांगाल परिवार से हैं। उन्होंने 2015 में भारतीय वायुसेना जॉइन की और 2021 में स्क्वाड्रन लीडर बने। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2025 को वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
रिजवान मालिक की इस कार्रवाई को सरकार की आधिकारिक प्रशस्ति पत्र में “उत्कृष्ट साहस, नेतृत्व और अटूट समर्पण” बताया गया है। उनकी सफलता ने न सिर्फ मिशन को बदल दिया बल्कि पूरे देश को प्रेरित किया।



