ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 14 सूत्री नया शांति प्रस्ताव भेजा है। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन इसे स्वीकार्य होने की कल्पना मुश्किल है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पिछले 47 सालों में जो कुछ किया, उसके लिए अभी “काफी बड़ी कीमत” नहीं चुकाई है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने कहा, “अब बॉल अमेरिका के कोर्ट में है।” उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीति और टकराव दोनों रास्तों के लिए तैयार है।
ईरान के प्रस्ताव में मुख्य मांगें
- अमेरिकी सैनिकों की वापसी
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ब्लॉकेड हटाना
- फंसे संपत्ति की रिहाई और प्रतिबंध हटाना
- मुआवजा
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्ति
वर्तमान स्थिति
अप्रैल 2026 से सीजफायर चल रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है। अमेरिका ने ईरान को न्यूक्लियर हथियार न बनाने की शर्त पर ही युद्ध रोकने की बात कही है।


