
अमेरिका और ईरान के बीच हुए 2 हफ्ते के सीजफायर प्लान में एक अहम प्रावधान शामिल है। इसके तहत ईरान और ओमान दोनों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस (पासेज चार्ज) लगाने की अनुमति दी गई है।
34 किलोमीटर चौड़ा यह जलडमरूमध्य पहले अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता था और यहां किसी भी देश द्वारा टोल नहीं लिया जाता था। अब ईरान इस फीस से युद्ध में हुई तबाही की
(पुनर्निर्माण) के लिए धन जुटाएगा।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान का 10-पॉइंट प्रस्ताव बातचीत के लिए “व्यावहारिक आधार” है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दो हफ्तों में स्थायी समझौता अंतिम रूप ले लेगा।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम घरीबाबादी ने कहा कि ओमान के साथ इस संबंध में प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है, जिसका मकसद नौवहन को आसान बनाना है, न कि रोकना।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
संयुक्त अरब अमीरात और कतर समेत खाड़ी देशों ने इस कदम का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन पूरी तरह मुक्त और खुला रहना चाहिए।



