
हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखी गई। पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव, खासकर इजरायल-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों में नकारात्मक भावना हावी रही, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 976 अंकों की भारी गिरावट के साथ खुला और 77,200 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। पिछले दिन मंगलवार को बाजार में तेजी रही थी—सेंसेक्स 639.82 अंक चढ़कर 78,205.98 पर और निफ्टी 233.55 अंक की बढ़त के साथ 24,261.60 पर बंद हुआ था। लेकिन बुधवार की शुरुआत में ही वैश्विक संकेतों और तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, ईरान की ओर से तेल निर्यात पर प्रतिबंध की धमकी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनियों से क्रूड ऑयल की कीमतें $110-120 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश में मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। बैंकिंग, ऑटो, आईटी और एफएमसीजी जैसे प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखी जा रही है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही निवेश बनाए रखें। बाजार की यह गिरावट वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर कर रही है और स्थिति सामान्य होने तक अस्थिरता बनी रह सकती है।




