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‘मौलिक शोध में अभिलेखागार की भूमिका’ विषय पर लखनऊ में संगोष्ठी का आयोजन

लखनऊ, 27 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह के मार्गदर्शन में राजकीय अभिलेखागार में ‘मौलिक शोध में अभिलेखागार की भूमिका’ विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार, शशि भूषण बालिका डिग्री कालेज और करामत हुसैन गर्ल्स पी.जी. कालेज के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

इतिहास के अनछुए पहलुओं पर शोध की आवश्यकता

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रो. एस. एन. कपूर (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने अपने संबोधन में साहित्य को संस्कृति की प्रयोगशाला बताया और 1857 की क्रांति से संबंधित अभिलेखों पर गहन शोध पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. प्रमोद कुमार श्रीवास्तव (पूर्व विभागाध्यक्ष, पाश्चात्य इतिहास विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) द्वारा की गई।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

संगोष्ठी में विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने शोध अनुभव साझा किए:

  • प्रो. पंकज सिंह ने लखीमपुर खीरी के गुमनाम क्रांतिकारियों पर शोध की आवश्यकता बताई।
  • प्रो. सुमन मिश्रा ने ऑस्ट्रेलिया और यूपी विधान सभा के तुलनात्मक अध्ययन की जानकारी दी।
  • डॉ. रितू तिवारी ने देशभर के अभिलेखागारों के डिजिटाइजेशन पर विशेष बल दिया।
  • डॉ. प्रेम कुमार ने ‘एनी फ्रैंक की डायरी’ का संदर्भ देते हुए अभिलेखों की महत्ता को समझाया।

सफल आयोजन और संचालन

इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी के संयोजक डॉ. सौरभ कुमार मिश्र (असिस्टेंट प्रोफेसर, शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ) रहे। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अंशुल सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक श्री अमित कुमार अग्निहोत्री ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों का आश्वासन दिया।

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