
मिडिल ईस्ट में इज़राइल-ईरान युद्ध के बीच इज़राइल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के 6,004 निर्माण श्रमिक फंसे हुए हैं, लेकिन वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। योगी सरकार ने उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास से निरंतर संपर्क बनाए रखा है।
ये सभी श्रमिक 2024 में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और इज़राइल की पीआईबीए के माध्यम से चयनित होकर विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में गए थे। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। अधिकांश भवनों में सुरक्षा शेल्टर उपलब्ध हैं और श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव श्रम डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने भारतीय राजदूत जेपी सिंह और प्रथम सचिव डॉ. गारिका तेजेश्वर से फोन पर बात की। राजदूत ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और दूतावास सभी श्रमिकों के संपर्क में है।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार श्रमिकों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभाग एनएसडीसी और दूतावास के साथ समन्वय बनाए हुए है। निदेशक नेहा प्रकाश और अपर निदेशक पीके पुंडीर ने भी स्थिति की लगातार समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी
- भारतीय दूतावास, तेल अवीव: +972-54-7520711, +972-54-2428378
- पीआईबीए हेल्पलाइन: 1-700-707-889
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग लगातार समीक्षा कर रहा है। इज़राइल में कुल करीब 42,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें यूपी के 6,004 श्रमिक शामिल हैं।



