केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसदीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ विधेयक को दी मंजूरी: सूत्र

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट विपक्ष के भारी हंगामे के बीच 13 फरवरी को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पेश की गई।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 फरवरी को संसद में पेश की गई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी है । सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल ने 19 फरवरी को एक बैठक के दौरान विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दी। विपक्ष के हंगामे के बीच संसद के 2025 के बजट सत्र के पहले भाग के दौरान यह रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पेश की गई, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि उनके असहमति नोट को जेपीसी रिपोर्ट से काट दिया गया था। लेकिन केंद्र ने इस आरोप से इनकार किया। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह रिपोर्ट को मंजूरी दे दी, जिससे 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में विधेयक पेश करने का रास्ता साफ हो गया, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को सुव्यवस्थित करना है।

भाजपा नेता जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति ने विपक्ष की असहमति के बावजूद विधेयक में कई संशोधनों का सुझाव दिया था। जनवरी में संसदीय समिति ने सत्तारूढ़ भाजपा नीत एनडीए के सदस्यों द्वारा प्रस्तावित वक्फ विधेयक के सभी संशोधनों को स्वीकार कर लिया था तथा विपक्षी सदस्यों द्वारा सुझाए गए प्रत्येक परिवर्तन को खंड-दर-खंड चर्चा में खारिज कर दिया था।

प्रस्तुत 44 संशोधनों में से 14 खंडों में परिवर्तन का सुझाव एनडीए सदस्यों द्वारा दिया गया, जिनमें से सभी को मतदान के बाद पैनल द्वारा स्वीकार कर लिया गया।

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