
गाजियाबाद के रामप्रस्थ कॉलोनी में रहने वाले 84 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग राम प्रकाश हुर्रिया से साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2.19 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस, ईडी अधिकारी और न्यायाधीश बताकर एक महीने तक मानसिक दबाव बनाए रखा और जेल भेजने की धमकी दी।
22 मई 2026 को वॉट्सएप कॉल से ठगी की शुरुआत हुई। ठगों ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसा बताया और गोपनीयता बनाए रखने की चेतावनी दी। अगले दिन ईडी अधिकारी और महिला जज बनकर 8 घंटे तक वीडियो कॉल पर बात की गई। डर के मारे बुजुर्ग 26 मई से 4 जून के बीच पांच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.19 करोड़ रुपये ट्रांसफर करते रहे।
19 जून तक ठग लगातार संपर्क में रहे और पैसे वापस लौटाने का झूठा भरोसा देते रहे। जब संपर्क बंद हो गया तो बुजुर्ग को ठगी का पता चला। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। गाजियाबाद साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।




